नई दिल्ली | महाराष्ट्र बुलेटिन न्यूज
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह चक्रवात ने आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बिजली के झटके से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है। खराब मौसम के कारण कई उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि दक्षिण कोस्ट रेलवे ने 57 ट्रेनें रद्द करने और 15 ट्रेनों के समय में बदलाव की जानकारी दी है।
Cyclone Arnab: तट से टकराने के बाद कमजोर हुआ तूफान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इसके बाद इसकी तीव्रता घटकर गंभीर चक्रवाती तूफान के स्तर पर आ गई।
तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। तूफान के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा।
बिजली के करंट से दो लोगों की मौत
चक्रवात के दौरान बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई।
विशाखापट्टनम जिले में मंगलवार रात 53 वर्षीय एक व्यक्ति की खेत के पास टूटी हुई बिजली की तार के संपर्क में आने से मौत हो गई।
वहीं, अनकापल्ली जिले के येल्लमंचिली शहर में बुधवार सुबह 55 वर्षीय एक महिला की घर के बाहर खुली बिजली की तार के संपर्क में आने से मौत होने की खबर है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने और टूटी बिजली की तारों से दूर रहने की अपील की है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को दिए निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने, राष्ट्रीय राजमार्गों को साफ करने और तेज हवाएं कम होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने चक्रवात राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने और जलाशयों तथा नहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया।
10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए तटीय क्षेत्रों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
कोनसीमा जिले में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और राहत के लिए लगभग 495 चक्रवात आश्रय केंद्र तथा अस्थायी राहत केंद्र तैयार किए गए थे।
विशाखापट्टनम जिले में करीब 400 पेड़ गिरने की सूचना मिली। सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही थीं।
कई इलाकों में 260 मिमी से अधिक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 27 अक्टूबर की सुबह से 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई।
- अनकापल्ली: कन्नुरिपालेम में 261.5 मिमी बारिश।
- विजयनगरम: केवीबीआर स्कूल क्षेत्र में 259.74 मिमी बारिश।
- विशाखापट्टनम: 16वीं पुलिस बटालियन क्षेत्र में 259.06 मिमी बारिश।
चक्रवात के प्रभाव से बुधवार और गुरुवार को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई थी।
कई उड़ानें रद्द, यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
चक्रवात के कारण तटीय आंध्र प्रदेश के हवाई अड्डों पर विमान सेवाएं प्रभावित हुईं।
विशाखापट्टनम हवाई अड्डे पर 27 अक्टूबर से उड़ान संचालन रोक दिया गया था। विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाई अड्डों पर भी उड़ानों पर असर पड़ा।
एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर सहित विभिन्न विमानन कंपनियों ने कुछ उड़ानें रद्द कीं या उनके समय में बदलाव किया।
यात्रियों के लिए सलाह: हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें।
57 ट्रेनें रद्द, 15 के समय में बदलाव
चक्रवात के मद्देनजर दक्षिण कोस्ट रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 57 ट्रेनें रद्द कीं और 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया।
प्रभावित सेवाओं में वंदे भारत, रत्नाचल, उदय, गरीब रथ, गोदावरी और फलकनुमा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल होने की जानकारी दी गई।
रेल यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस आधिकारिक रेलवे सूचना माध्यमों से जांचने की सलाह दी गई है।
चक्रवात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- टूटी हुई बिजली की तारों और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों से दूर रहें।
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
- प्रशासन के निर्देश पर जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- समुद्र तट और खुले इलाकों में जाने से बचें।
- ट्रेन या विमान से यात्रा करने से पहले सेवा की स्थिति जांच लें।
- आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों से संपर्क करें।
निष्कर्ष
चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं, भारी बारिश और परिवहन सेवाओं में रुकावट के बीच प्रशासन राहत एवं बहाली कार्यों में जुटा है।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
समाचार स्रोत: द टाइम्स ऑफ इंडिया की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट तथा मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी।
लेखक एवं संपादक: आदित्य वाने
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